वाशिंगटन। भले ही आतंकी समूह पाकिस्तान में हमलों को अंजाम देते रहें, लेकिन अधिकतर पाकिस्तानी नागरिक भारत को ही बड़ा खतरा मानते हैं, अमेरिका को दुश्मन की तरह देखते हैं और तालिबान तथा अलकायदा से वह खास चिंतित नहीं हैं।
पाकिस्तान में किए गए प्रतिष्ठित 'पियू रिसर्च सेंटर ओपिनियन पोल' के अनुसार पाकिस्तानियों ने जहां अमेरिका के बारे में गंभीर चिंता जताई है, वहीं उन्हें पाकिस्तान के भीतर मौजूद उग्रवादी समूहों की अपेक्षा पड़ोसी और दीर्घकालिक प्रतिद्वंद्वी भारत से कहीं ज्यादा चिंता है। सर्वेक्षण कहता है कि जब लोगों से पूछा गया कि उनके देश के लिए सबसे बड़ा खतरा क्या है भारत, तालिबान या अलकायदा, तो आधे से अधिक पाकिस्तानियों [53 प्रतिशत] ने भारत को चुना, जबकि 23 प्रतिशत ने तालिबान और केवल तीन प्रतिशत ने अलकायदा से खतरे की बात कही। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के बावजूद अधिकतर पाकिस्तानी नागरिक भारत के साथ बेहतर रिश्ते चाहते हैं। मोटे तौर पर दस में से सात [72 प्रतिशत] लोगों ने कहा कि भारत के साथ रिश्तों को सुधारना महत्वपूर्ण है।
अमेरिका की तरफ से लाखों डॉलर की आर्थिक सहायता के बाद भी पाकिस्तान के लोगों के मन में वह शत्रु की तरह है। 59 प्रतिशत लोगों ने अमेरिका को दुश्मन बताया और केवल आठ प्रतिशत ने राष्ट्रपति बराक ओबामा पर भरोसा जताया। पाकिस्तान के लोग तालिबान और अलकायदा से ज्यादा खतरा महसूस नहीं करते। केवल 25 प्रशित लोगों ने कहा कि यदि तालिबान अफगानिस्तान पर फिर से कब्जा करता है तो यह अच्छा नहीं होगा। वहीं 18 प्रशित ने कहा कि यह पाकिस्तान के लिए अच्छा होगा और 57 प्रतिशत को इससे कोई मतलब नहीं।