गैस त्रासदी: मंत्रिसमूह की सिफारिशें मंजूर

नई दिल्ली। भोपाल गैस पीड़ितों से संबंधित पुनर्गठित मंत्रियों के समूह की सिफारिशों को सरकार ने एक संशोधन के साथ मंजूरी दे दी है। रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री श्रीकांत जेना ने शुक्रवार को राज्यसभा में कुसुम राय और प्रभात झा के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल ने संशोधन किया है कि जीओएम द्वारा सिफारिश की गई बढ़ी हुई मुआवजा राशि का भुगतान अनुग्रह राशि के तौर पर किया जाएगा। जेना ने मोहम्मद अदीब और साबिर अली के प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि भोपाल गैस हादसे के पीड़ितों को 3058.44 करोड़ रुपये की राशि मुआवजे के तौर पर दी जा चुकी है। इसके अलावा केंद्र सरकार ने 1985 से 1989 तक गैस पीड़ितों के तत्काल राहत, पुनर्वास और वित्तीय मदद के लिए 102.00 करोड़ रुपये की मंजूरी दी थी। जेना ने बताया कि 1990 में केंद्र ने 163.10 करोड़ रुपये के परिव्यय की लागत को 75:25 के अनुपात में वहन करने संबंधी मध्यप्रदेश सरकार की पंचवर्षीय कार्य योजना को मंजूरी दी। बाद में यह राशि बढ़ा कर 258.00 करोड़ रुपये कर दी गई। इस कार्य योजना की अवधि भी जुलाई 1999 तक बढ़ा दी गई।
उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने गैस पीड़ितों के लिए 982.75 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ एक कार्ययोजना संबंधी ज्ञापन अप्रैल 2008 में पेश किया था। योजना आयोग ने इस पर विचार किया और जून 2010 में सिफारिश की गई।
Last Updated on Friday, 30 July 2010 16:00