मैं किसी से नहीं डरता : शिवराज

Wednesday, 21 October 2009 05:55 administrator
Print PDF

 

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनके एक हालिया बयान को लेकर कांग्रेस पर प्रदेश में भ्रम का वातावरण उत्पन्न करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि वह किसी से नहीं डरते और न ही कोई उन्हें डरा सकता है। राज्य विधानसभा में कांग्रेस सदस्यों द्वारा आज पेश किए गए 'काम रोको प्रस्ताव' पर हुई बहस का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ''मेरे हालिया बयान को लेकर कांग्रेस प्रदेश में भ्रम का वातावरण बना रही है। कोई मुझे डरा नहीं सकता।''

उल्लेखनीय है कि गत 18 जुलाई को शिवपुरी जिले के कोटानाका गांव में संवाददाताओं से चौहान ने कहा, ''मुझे मुख्यमंत्री पद से हटाने के लिए कतिपय शक्तियां संगठित होकर प्रयास करती हैं और इसके लिए पैसे तक एकत्र किए जाते हैं। लेकिन मैं इन ताकतों की परवाह किए बिना हमेशा विकास के लिए प्रयत्नशील रहता हूं। मेरी प्राथमिकता जनता की भलाई है।''

मुख्यमंत्री के इसी बयान को लेकर कांग्रेस विधायक दल के उप नेता चौधरी राकेश सिंह, मुख्य सचेतक नर्मदा प्रसाद प्रजापति आदि सदस्यों ने यह कहते हुए आज सदन में एक काम रोको प्रस्ताव पेश किया था कि भू माफिया द्वारा मुख्यमंत्री को हटाने के लिए चंदा एकत्रित करने से वह डरे हुए हैं और इससे प्रदेश में संवैधानिक संकट खड़ा हो गया है। चौहान के आग्रह पर विधानसभा अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी ने इस प्रस्ताव को चर्चा के लिए स्वीकार कर लिया था। चौहान जब सदन में बहस का जवाब दे रहे थे, तभी कांग्रेस सदस्यों ने उनके जवाब से असहमति जताते हुए वाकआउट कर दिया। इससे पहले कांग्रेस के अधिकांश सदस्य सदन के गर्भगृह में आ गए और उन्होंने मुख्यमंत्री के विरूद्ध नारेबाजी भी की। मुख्यमंत्री द्वारा भूमाफिया के खिलाफ की गई कार्रवाई का जिक्र करने पर कांग्रेस की कल्पना परूलेकर, आरिफ अकील आदि सदस्यों ने टोकते हुए कहा कि वह मुद्दे से भटक रहे हैं, जबकि उन्हें उन लोगों के नाम बताने चाहिए, जो उन्हें पद से हटाने के लिए चंदा अथवा धन एकत्र कर रहे हैं।

अपने जवाब में चौहान ने कहा कि कांग्रेस द्वारा उन पर मनगढंत आरोप लगाना दुर्भाग्यजनक है। उनके बयान का आशय यह था कि भू-माफिया उसके खिलाफ की जा रही सरकारी कार्रवाई से विचलित है, लेकिन वह किसी से डरते नहीं हैं और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि जो विषय आज सदन में 'काम रोको प्रस्ताव' के जरिए उठाया गया है। वास्तव में वह इस लायक नहीं था। कांग्रेस को जनता के हितों और उसके कल्याण की चिंता नहीं है। वह ऐसे अगंभीर विषयों पर सदन का बहुमूल्य समय व्यर्थ कर रही है, जिससे जनता का भला नहीं होने वाला है। वास्तव में वह 'मानसिक दिवालियापन' का शिकार हो चुकी है। चौहान ने कहा कि वह कांग्रेस के हर आरोप का खंडन करते हैं, वह जनता के आशीर्वाद से मुख्यमंत्री हैं और इसी बल पर प्रदेश में तीसरी बार अपनी पार्टी की सरकार बनाएंगे। जहां तक सवाल भू-माफिया और अन्य आसामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई का है तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाकर जनता को राहत दिलाई जाएगी। इससे पहले कामरोको प्रस्ताव पर बहस की शुरूआत करते हुए कांग्रेस विधायक दल के मुख्य सचेतक प्रजापति ने आरोप लगाया कि शिवपुरी जिले के कोटानाका गांव में गत 18 जुलाई को दिए गए मुख्यमंत्री के बयान में कहा गया है कि भू-माफिया उन्हें हटाने के लिए चंदा कर रहा है और लगता है जैसे वह इस दबाव, दुविधा एवं भय के कारण मानसिक अवसाद में हैं। इससे प्रदेश में संवैधानिक संकट खड़ा हो गया है। कांग्रेस की कल्पना ने कहा कि यदि कोई मुख्यमंत्री को हटाने की साजिश कर रहा है तो उन्हें उसका नाम सार्वजनिक कर उसके खिलाफ कार्रवाई करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मीडिया ने उनके बयान को गलत छापा था, तो मुख्यमंत्री ने अगले ही दिन उसका खण्डन क्यों नहीं किया। पशुपालन मंत्री अजय विश्नोई, स्कूल शिक्षा मंत्री अर्चना चिटनीस, विधायक विश्वास सारंग आदि ने मुख्यमंत्री का बचाव करते हुए कांग्रेस पर प्रहार किए। उनका कहना था कि कांग्रेस शासनकाल में ही इस प्रदेश में भू-माफिया पनपा था और भाजपा सरकार अब उस पर शिकंजा कस रही है।

बहस में कांग्रेस के तुलसी सिलावट, अजय सिंह, महेन्द्र सिंह, साधना स्थापक, निर्दलीय पारस सखलेचा, बसपा के रामलखन सिंह, मदन कुशवाह एवं भाजश के लक्ष्मण तिवारी ने भी हिस्सा लिया।

Last Updated on Thursday, 22 July 2010 11:56