29-Jul-2023 04:36 PM
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श्रीनगर 29 जुलाई (संवाददाता) केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक वरिष्ठ नेता ने कथित तौर पर भ्रष्टाचार के आरोप में पार्टी नेताओं को निशाना बनाने के लिए भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के एक अधिकारी सहित दो जिला पुलिस प्रमुखों का तबादला करने के वास्ते केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है।
भाजपा वरिष्ठ नेता मोहम्मद मकबूल वार ने हालांकि पार्टी की ओर से लिखे गए पत्र से खुद को दूर रखा है। श्री वार पार्टी की राज्य कार्यकारी समिति के सदस्य और पार्टी के किसान मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य हैं।
भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने शुक्रवार शाम कहा, “श्री वार की ओर से व्यक्त किए गए विचार किसी भी तरह से पार्टी से संबंधित नहीं हैं।”
केंद्रीय गृह मंत्री को कल लिखे पत्र में श्री वार ने दावा किया है कि पिछले महीने से सोपोर और बारामूला जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) भ्रष्टाचार के आधार पर भाजपा नेताओं को निशाना बना रहे हैं।
उन्होंने सवाल किया कि पुलिस नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, कांग्रेस और अन्य बड़ी पार्टियों के नेताओं की जांच क्यों नहीं कर रही है। उनके अनुसार, उन्हें सलाखों के पीछे होना चाहिए था।
श्री वार ने पत्र में कहा,“हम जमीनी स्तर पर पार्टी के लाभ और बेहतरी के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं और अधिकारी हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ सहयोग नहीं कर रहे हैं। यहां तक कि हम उनसे मिलने या फोन करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे जवाब नहीं दे रहे हैं।”
वरिष्ठ भाजपा नेता ने गृह मंत्री से दोनों जिला पुलिस प्रमुखों का तबादला करने का अनुरोध किया है। उन्होंने दोनों पुलिस अधिकारियों के स्थान पर अन्य दो अधिकारियों के नाम भी प्रस्तावित किये। जैसे ही उनका पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ भाजपा प्रवक्ता ठाकुर ने कहा कि श्री वार की ओर से एसएसपी सोपोर और एसएसपी बारामूला के खिलाफ व्यक्त किए गए विचार व्यक्तिगत रूप से उनके विचार हैं और भाजपा का उनके बयानों से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।
यह घटनाक्रम जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से नगर निगम पार्षद आशिक गनी उर्फ आशिक, जो पहले भाजपा से जुड़े थे, को जबरन वसूली के आरोप में एक अन्य व्यक्ति के साथ गिरफ्तार करने के दो दिन बाद सामने आया है।
पुलिस के अनुसार आशिक और एक राजनीतिक दल से जुड़े होने का दावा करने वाले दो अन्य लोगों ने अपने भाई को हिरासत से छुड़ाने के लिए एक व्यक्ति से पांच लाख रुपये की उगाही की थी। आशिक की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने लोगों को ऐसे जालसाजों के झांसे में न आने की सलाह दी है।...////...