14-Sep-2023 08:34 PM
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जालना, 14 सितंबर (संवाददाता) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को कहा कि राज्य सरकार अन्य समुदायों को नुकसान पहुंचाए बिना मराठा समुदाय को स्थायी आरक्षण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
श्री शिंदे आज अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ जिले के अंतरवाली सरती गांव पहुंचे और मराठा आरक्षण के मुद्दे पर भूख हड़ताल पर बैठे मराठा कार्यकर्ता मनोज जारांगे-पाटिल को जूस पिलाया और उनका भूख हड़ताल खत्म किया। श्री जारांगे-पाटिल पिछले 17 दिनों से मराठा समुदाय को स्थायी आरक्षण देने के लिए भूख हड़ताल पर बैठे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मराठा समुदाय को आरक्षण प्रदान करना उनकी सरकार की जिम्मेदारी है और “हम इसे प्रदान करेंगे।” उन्होंने कहा, “हमारी सरकार मराठों को आरक्षण देना चाहती है। हम किसी के आरक्षण कोटा को छेड़े बिना मराठा समुदाय को आरक्षण देंगे।”
जारांगे-पाटिल के आंदोलन की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, “जारांगे पाटिल मराठा समुदाय के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए भूख हड़ताल पर भी बैठे। मराठा समुदाय के प्रति उनकी ईमानदारी के कारण उन्हें राज्य भर से जबरदस्त समर्थन मिला। श्री शिंदे ने जारांगे-पाटिल को अपना पूरा समर्थन देने के लिए अंतरवाली सारथी के ग्रामीणों को भी धन्यवाद दिया।
श्री शिंदे ने कहा, “मैं भी एक गरीब किसान परिवार से हूं और वर्तमान में मराठा समुदायों के सामने आने वाली कठिनाइयों को अच्छी तरह से वाकिफ हूं।” उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और राज्य सरकार इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को पहले ही निलंबित कर चुकी है।
उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान मराठा कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। श्री शिंदे ने जारांगे-पाटिल से अपने प्रतिनिधि को नियुक्त करने का अनुरोध किया, जो मराठा समुदाय के लिए कुनबी प्रमाणपत्र जारी करने की पद्धति तय करने के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित न्यायमूर्ति संदीप शिंदे समिति में शामिल होंगे।...////...